नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक में एक पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित है शिव मंदिर छोटा कैलाश यहाँ तक पहुँचने के लिए आपको हल्द्वानी से सड़क मार्ग पर अमृतपुर, भौर्सा होते हुए पिनरों गाँव तक पहुंचना होता है. पिनरों गाँव से 3-4 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद आप उस पहाड़ी के शीर्ष पर पहुँच जाते हैं जहाँ भगवान शिव का एक पुरातन मंदिर है।

🔸मंदिर के बारे में मान्यताएँ🔸
छोटा कैलाश के बारे में मान्यता है कि सतयुग में भगवान महादेव एक बार यहाँ आये थे. अपने हिमालय भ्रमण के दौरान भगवान शिव तथा पार्वती ने इस पहाड़ी पर विश्राम किया था. महादेव के यहाँ पर धूनी रमाने के कारण ही तभी से यहाँ अखण्ड धूनी जलायी जा रही है. मान्यता है कि यहाँ पहुंचकर शिवलिंग की पूजा करने से भक्तों की मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है. मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु यहाँ पर घंटी और चांदी का छत्र चढ़ाते हैं।

🚩शिवरात्रि के दिन लगता है बड़ा मेला🚩
कर्नाटकी बाबा बताते हैं कि सावन और माघ के महीने में यहाँ भक्तों की आवाजाही काफी बढ़ जाति है. शिवरात्रि के दिन यहाँ विशाल मेला लगता है. इस दिन दूर-दूर से हजारों भक्त यहाँ आकर पूजा-अर्चना करते हैं. महाशिवरात्रि की रात यहाँ पर हजारों लोग रात भर रूककर अनुष्ठान करते हैं. वे बताते हैं कि भक्तों के कुछ दल यहाँ हर महीने आते हैं और रात भर पूजा करके सुबह वापसी करते हैं।

🔹पार्वती कुंड का हो रहा निर्माण🔹
आजकल यहाँ पर पार्वती कुंड को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है. मनरेगा के तहत 8 लाख रुपये की लागत से यहाँ पर इस कुंड का निर्माण किया जा रहा है. उम्मीद है कि इस महाशिवरात्रि भक्त पार्वती कुंड के दर्शन करेंगे।